Wednesday, May 22, 2024
Homeउत्तराखण्डएसजीआरआर पैरामेडिकल कॉलेज मे सम्पन्न हुआ दीक्षारम्भ कार्यक्रम

एसजीआरआर पैरामेडिकल कॉलेज मे सम्पन्न हुआ दीक्षारम्भ कार्यक्रम

 
कोटद्वार। पदमपुर स्थित श्री गुरु राम राय पैरामेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पैरामेडिकल के विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरूवात श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं श्रीमहंत इन्द्रेश अस्पताल, देहरादून के किये जा रहे कार्यों की विडियो क्लिप दिखाकर की गई। कार्यक्रम का संचालन ऋतु उनियाल ने किया जिसमें उन्होंने छात्रों व अभिभावको को कॉलेज के विजन और मिशन के बारे में रूबरू कराया गया। सर्वप्रथम मुख्य एवं विशिष्ठ अतिथियों ने माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया । इसके बाद सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की विधिवत शुरूवात की गई। साथ ही सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम एवं योगा प्रोग्राम की प्रस्तुति नवीन छात्रों एवं अभिभावकों के सम्मुख दी गई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ हिमांशु थपलियाल और धीरेंद्र रतूड़ी ने शिरकत की। डॉ थपलियाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि डाक्टर अपना जीवन पैरामेडिकल कर्मियों के बिना कल्पना भी नहीं कर सकते है। श्रद्धेय महाराज की यह एक अच्छी पहल है कि उन्होंने कोटद्वार शहर को एक बेहतरीन पैरामेडिकल कॉलेज की सौगात दी। साथ ही धीरेंद्र रतूड़ी ने नए छात्रों के बीच अपने उद्बोधन में कहा कि छात्र कल का भविष्य है और इस पौध को हमने सींचना है जो भविष्य में एक सफल वृक्ष की तरह स्थापित हो सके। उन्होने कहा कि पैरामेडिसिन का क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, जिसमें नई-नई तकनीकों का विकास किया जा रहा है। जैसे ही आप इस शैक्षिक यात्रा पर आगे बढ़ेंगे आप महत्त्वपूर्ण चिकित्सा सहायता और सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस होंगे। कॉलेज की फैक्ल्टी डॉ शिवी शर्मा ने मरीजो को फिजियोथेरिपी से मिल रहे लाभ एवं वर्तमान की जीवनशैली में इसके उपयोगिता को अपने उदबोधन मे समझाया। इसके बाद माइक्रो बॉयोलाजी की फैकल्टी ओशिन जोशी ने मेडिकल के क्षेत्र में लगातार माइक्रोबॉयोलाजी के विस्तार के बारे में बताया कि रिसर्च से लेकर सेंट्रल लैब में बड़ी संख्या में इसकी मांग है।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ गिरीश उनियाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सन् 1952 में श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन की स्थापना ब्रह्मलीन श्रीमहत इन्द्रेश चरण दास ने की । इसके बाद श्रद्धेय देवेन्द्र दास महाराज ने वर्तमान में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य किए व कर रहे हैं । एसजीआरआर पैरामेडिकल कॉलेज, उच्च शिक्षा का एक प्रसिद्ध संस्थान है जो बौद्धिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल छात्रों को समाज की भलाई के उद्देश्य से कार्य करना होता है। इस मौके पर श्री प्रणव राज बमराड़ा, हिमांशु द्विवेदी, रतन, दिगम्बर सिंह आदि मौजूद रहे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments