सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में गुरुवार को आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।
मिलन केंद्र अगरोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में कनिष्ठ प्रमुख, ग्राम प्रधान नौली-बूंगा, ग्राम प्रधान ध्वेली बिष्ट सहित आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में दो महिलाओं की गोद भराई की गई तथा दो कुपोषित बच्चों को पोषण किट वितरित की गईं। पांच बालिकाओं को टी-शर्ट तथा दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को पोषण माह में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गईं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय व्यंजन तैयार कर उनके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने विभागीय योजनाओं और पोषण से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र आमकाटल में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नीलम देवी, उपप्रधान कविता देवी, आशा कार्यकर्ता रजनी देवी सहित छह लाभार्थियों एवं आठ ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी पोषण एवं विभागीय सेवाओं की जानकारी साझा की गई।
आंगनबाड़ी केंद्र बुकंडी प्रथम में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रधान सीमा देवी, वार्ड सदस्य भारती एवं सोनम, पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह, चार किशोरियां तथा सात बच्चों के अभिभावक शामिल हुए। आशा फेसिलिटेटर सुमन लता और आशा कार्यकर्ता माया रावत ने भी प्रतिभाग किया। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र वीरकाटल में वार्ड सदस्य आरती देवी, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा लाभार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 10 अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को संतुलित आहार, पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया। जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित गतिविधियों में सहयोग देने तथा बच्चों और महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।