दिनांक 25.03.2026 को चौकी बाजार, कोतवाली कोटद्वार पुलिस टीम को बस अड्डा कोटद्वार पर एक नाबालिग बालिका लावारिस अवस्था में मिली। सूचना प्राप्त होते ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) टीम मौके पर पहुंची और बालिका को रेस्क्यू कर चौकी लाया गया। पूछताछ में बालिका ने अपना नाम नूर फलक (उम्र 16 वर्ष) निवासी बिहार/मुरादाबाद बताया तथा घर से नाराज होकर आने की जानकारी दी।
टीम द्वारा तत्काल मुरादाबाद पुलिस से संपर्क कर परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया, किन्तु सफलता नहीं मिल सकी। इसके उपरांत बालिका को CWC कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से सुरक्षा की दृष्टि से उसे राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र, सिंबलचौड़ में रखा गया। काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बताया कि उसका परिवार पिछले 12-13 वर्षों से श्रीनगर में निवास कर रहा है।
दिनांक 28.03.2026 को श्रीनगर पुलिस की सहायता से परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय, कोटद्वार बुलाया गया। उक्त दिन बालिका के पिता जावेद एवं माता नूर चमन कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बालिका को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर डांट-फटकार लगाई गई थी, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए घर से चली गई। उन्होंने बताया कि वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे और गुमशुदगी दर्ज कराने भी गए थे, तभी पुलिस द्वारा उन्हें बालिका के संबंध में सूचना दी गई।
परिजनों को राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र ले जाकर महिला उपनिरीक्षक सुमन लता द्वारा बालिका एवं उसके परिजनों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग उपरांत CWC के आदेशानुसार नाबालिग बालिका नूर फलक को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया तथा भविष्य हेतु आवश्यक हिदायतें दी गईं।