कोटद्वार में जमीन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले को कोर्ट ने सुनाई 4 साल कैद और जुर्माने की सजा

(अवनीश अग्निहोत्री) अपर मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी की कोर्ट में धारा 420 के मामले में एक व्यक्ति को 4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि कुछ समय पहले मयंक डोभाल नाम के व्यक्ति ने कोटद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि पदमेन्द्र असवाल और रीमा देवी ने उन्हें दुर्गापुर पट्टी मोटाढाक तहसील कोटद्वार में जुलाई 2022 को जमीन बेची गई। जिसमें उसके द्वारा आठ चेकों के माध्यम से सोलह लाख रूपये और नगद दो लाख रुपए, यानी कुल अठारह लाख रूपये बयाने के रूप में दिये गये और उसे पदमेन्द्र असवाल और रीमा देवी द्वारा यह विश्वास दिलाया गया कि इस भूमि की रजिस्ट्री अगस्त, 2022 में उसके नाम पर हो जायेगी और सिक्योरिटी के रूप में उसे अपने जिला सहकारी बैंक शाखा कोटद्वार के तीन चेक दिये गये थे। जब पदमेन्द्र असवाल ओर रीमा देवी द्वारा उसे कहा गया कि इस भूमि पर विवाद हो गया है उसकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती है, और रीमा देवी द्वारा उसे विश्वास दिलाया कि इस जमीन के बदले दूसरी जगह उसके नाम ग्राम मगनपुर पटटी हल्दूखाता स्थित भूमि में से पाँच विस्वा दे दी जाएगी। जिसके बाद रीमा देवी और मयंक डोभाल के बीच में अगस्त 2022 को एग्रीमेन्ट हुआ और रीमा देवी द्वारा यह कहा गया कि पारिवारिक कारणो से अभी भूमि की रजिस्ट्री नहीं कर पा रहे है। और वादी मयंक डोभाल को भरोसा दिलाया गया कि दो हफ्तो के अन्दर मयंक डोभाल के नाम रजिस्ट्री करा दी जायेगी, लेकिन फिर भी रीमा देवी द्वारा वादी मयंक के नाम पर उस भूमि की रजिस्ट्री नहीं करायी गयी। और मयंक द्वारा पूछने पर रजिस्ट्री कराने से साफ मना कर दिया गया और कहा कि… अब जो हो सकता है करले। पदमेन्द्र असवाल और रीमा देवी द्वारा वादी मयंक डोभाल के साथ धोखाधडी करके उसे किसी दूसरे की जमीन को अपना बताकर उसके साथ एग्रीमेन्ट करके उससे अठारह लाख रूपये हड़प लिये है। जिसके बाद धारा 420 के तहत कोर्ट में यह मुकदमा चला, और सुनवाई पूरी होने के बाद पदमेन्द्र सिंह असवाल को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420 में दण्डनीय अपराध के लिए चार साल के कारावास की सजा और दस हजार रूपये जुर्माना लगाया गया। वही रीमा देवी को भारतीय दण्ड संहिता धारा 420 के अपराध से दोष मुक्त घोषित किया गया।

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