उत्तर कश्मीर के संवेदनशील कुपवाड़ा सेक्टर में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण शीतलहर के बीच संपन्न हुई एक महत्वपूर्ण कोर्ट मार्शल कार्यवाही के सफल समापन पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर जनरल राजेश नायर ने नजीबाबाद के मेजर दानिश फ़ारूक़ी को विशेष रूप से सम्मानित किया।
भारतीय सेना की जज एडवोकेट जनरल शाखा से जुड़े मेजर दानिश फ़ारूक़ी ने पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उच्च स्तर की सैन्य विधिक सेवाएँ प्रदान कीं। उनके द्वारा दिए गए सटीक, संतुलित और प्रभावी कानूनी परामर्श ने कार्यवाही को समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रक्रिया-सम्मत तरीके से पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, चुनौतीपूर्ण मौसम, सीमित संसाधनों और ऑपरेशनल दबाव के बावजूद मेजर दानिश फ़ारूक़ी ने पेशेवर दक्षता, विधिक स्पष्टता और न्याय केंद्रित दृष्टिकोण का परिचय दिया। उनकी कार्यशैली को सैन्य न्याय प्रणाली के मानकों के अनुरूप और उदाहरणीय बताया गया।
मेजर दानिश फ़ारूक़ी एक विधि परास्नातक और अनुभवी सैन्य विधि अधिकारी हैं, जो विभिन्न फील्ड और स्टाफ नियुक्तियों पर सेवाएँ दे चुके हैं। वे सैन्य सेवा मामलों, अनुशासनात्मक कार्यवाहियों तथा आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल से संबंधित विधिक विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं।
सम्मान समारोह के दौरान मेजर जनरल राजेश नायर ने उन्हें मोमेंटो प्रदान करते हुए कहा कि “ऐसे समर्पित, कर्मठ और सुदृढ़ सैन्य अधिकारी को भारतीय सेना की न्यायिक व्यवस्था की मजबूती के स्तंभ हैं।” उन्होंने मेजर दानिश फ़ारूक़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी व्यक्त कीं।