कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित पशुओं से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही है। जिसको लेकर आज कई पार्षदों ने नगर निगम मेयर शैलेंद्र रावत को ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले में में ठोस कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि इस बढ़ती समस्या के स्थानीय काश्तकार, छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सभी परेशान है।
बताया कि ये निराश्रित पशु सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण भी बन रहे है। पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित नंदियों द्वारा कई स्थानीय निवासियों को चोटिल करने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनमें कुछ गंभीर मामलों में जान-माल की क्षति भी हुई है।
इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए, नगर निगम द्वारा दिनांक 25/04/2025 को आयोजित बोर्ड बैठक में निराश्रित गौवंश के उचित संरक्षण के लिए प्रस्ताव संख्या 10 पारित किया गया था।
प्रस्ताव के अंतर्गत निगम द्वारा चिन्हित राज्य से बाहर स्थित गौशालाओं में निराश्रित गौवंशों के स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि यह बेहद खेदजनक है कि कुछ असामाजिक तत्व नगर निगम की इस जनहितकारी कार्यवाही में रुकावट डाल रहे हैं और निगम के सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
इस कारण जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे है, जिससे स्थानीय जनता में गहरा रोष व्याप्त है। समस्त वार्ड पार्षदों ने संयुक्त रूप से महापौर शैलेन्द्र सिंह रावत को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया है कि नगर निगम की कार्यवाही में बाधा डालने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँ, ताकि निराश्रित गौवंश की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके और नगर की जनता को राहत मिल सके।