बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड थलीसैंण में ब्लॉक टास्क फोर्स (बीटीएफ) की बैठक उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग कर बालिकाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की और आपसी समन्वय से विशेष पहल संचालित करने पर सहमति जताई।
बैठक में उपजिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग से जन्म के समय बालक-बालिकाओं के लिंगानुपात, शिक्षा विभाग से विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति तथा स्वास्थ्य विभाग से संस्थागत प्रसव और पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अनुपालन की जानकारी ली। आरयूएसके टीम से कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति और उनके उपचार के संबंध में जानकारी दी। वहीं बैठक में पुलिस विभाग द्वारा किशोरियों के प्रति दुर्व्यवहार, बाल विवाह के मामलों तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
उपजिलाधिकारी ने सभी विभागों को बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव मांगे। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक ग्राम सभा की बैठक में बालिका शिक्षा को लेकर सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी, जिसमें किसी भी बालिका की शिक्षा बाधित न होने देने और उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया जाएगा।
बैठक में तय हुआ कि बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से प्रत्येक बालिका के जन्म पर पौधरोपण किया जाएगा। हरेला जैसे विशेष अवसरों पर सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्यालयों में छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए उपस्थिति दीवार बनाई जाएगी, जिस पर प्रत्येक माह सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाली प्रथम तीन छात्राओं के फोटो प्रदर्शित किए जाएंगे तथा उन्हें पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए कक्षा 12वीं की बालिकाओं का विभिन्न विभागीय कार्यालयों में भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही ‘लंच विद ऑफिसर’ कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें अधिकारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर दिया जाएगा। वहीं, बालिकाओं की जिज्ञासाओं और समस्याओं के समाधान के लिए ‘बेटी हेल्प डेस्क’ स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से बालिकाएं स्वास्थ्य, शिक्षा एवं व्यवसाय से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगी।
बैठक में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से कैंटीन संचालन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई, ताकि समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ महाविद्यालय में छात्राओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा गुसाईं ने वित्तीय वर्ष के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत की। इसमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बीडीओ अर्जुन सिंह रावत, ईओ दीपक प्रताप, एडीओ पंचायत रविशंकर नेगी सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।