पीएलवी को सड़क सुरक्षा, विधिक सहायता एवं महिला संरक्षण योजनाओं का दिया गया प्रशिक्षण

 

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम की अध्यक्षता में पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर्स) एवं अधिकार मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

 

बैठक में गत माह पीएलवी द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गयी। सचिव ने विधिक जागरुकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

बैठक के दौरान “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा अभियान” के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं एसडीआरएफ द्वारा पीएलवी को सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता, गोल्डन ऑवर में त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने तथा दुर्घटना पीड़ितों के अधिकारों संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सचिव ने प्रतिभागियों को “हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ित मुआवजा योजना, 2022” की जानकारी देते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए।

 

इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर, पौड़ी द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, सहायता, परामर्श और पुनर्वास से संबंधित विभिन्न सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गयी।

 

कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मास्टर ट्रेनर किशन सिंह पंवार, रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, एसडीआरएफ के एएसआई तेजपाल सिंह राणा, एसडीआरएफ दल के सदस्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र एवं पीएलवी उपस्थित रहे।

 

 

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