कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात से पूर्व सभी सड़क एवं निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
थलीसैंण प्रवास के दौरान कैबिनेट मंत्री ने नवनिर्मित पटवारी चौकी का लोकार्पण किया। इसके बाद आयोजित ग्राम प्रहरियों की बैठक में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, नशामुक्त एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। ग्राम प्रहरियों ने इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
ब्लॉक सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंताओं, नगर पंचायत अध्यक्ष एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने थलीसैंण क्षेत्र के जल्लू संपर्क मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया। लगभग 18 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन को अधिक सुगम बनाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि थलीसैंण सहित पूरे क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सुनीता रावत, उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्ण त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी टीकाराम कोठियाल, तहसीलदार कुंदन सिंह नयाल, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दीपक प्रताप, जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर राहुल टोलिया, डीपीओ मनरेगा योगेश रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।