कोटद्वार कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा, CCTV में कुछ और ही कहानी आयी सामने। पुलिस को झूठी जानकारी देने वालों पर हो सकती है कार्रवाई

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कोटद्वार- पौड़ी जनपद के कोटद्वार नगर में एक पुरानी रंजिश के तहत पुलिस को गलत जानकारी देकर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया, इस मामले में जब घटनास्थल के आसपास की CCTV फुटेज देखी गयी तो मामला फर्जी पाया गया। ‘‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’’ ये कहावत कई लोगों ने सुनी होगी, लेकिन पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार शहर में यह कहावत आज चरितार्थ हो गई है। लकड़ी पड़ाव निवासी एक युवक ने कोतवाली कोटद्वार में एक डाक्टर के खिलाफ तहरीर देकर उस पर तमंचा दिखाकर धमकाते हुए मुकदमा वापिस लेने का आरोप लगाया है। जिसमें पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस की जांच में CCTV फुटेज के आधार पर मामला झूठा साबित हुआ है। जांच में सबकुछ गलत मिलने से बौखलाएं और घबराए हुए पीड़ित पक्ष ने दूसरी तहरीर देकर घटनास्थल ही बदल दिया है। जांच के बाद जब पुलिस ने पीड़ित पक्ष को बुलाया तो उसने बहाना करते हुए कोतवाली में आने से भी मना कर दिया।
दरअसल कुछ समय पूर्व लकड़ी पड़ाव स्थित एक क्लीनिक के डाक्टर पर बलात्कार के आरोप लगे थे। जिसमें पीड़ित के परिजनों की तहरीर के आधार पर कोटद्वार कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी ओर से जांच कर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिसके बाद पूरा मामला शांत हो गया। अब एक बार फिर युवती के परिजनों ने डाक्टर पर तमंचा दिखाकर धमकाते हुए मुकदमा वापिस लेने का आरोप लगाया है। इस संबंध में कोतवाली कोटद्वार में डाक्टर के खिलाफ दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने डाक्टर के खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस मामले की गहनता से जांच की तो मामला पूर्ण रूप से गलत निकला। जब इसकी भनक वादी पक्ष को लगी तो उसने एसएसपी पौड़ी को दूसरी तहरीर देकर घटनास्थल ही बदल दिया है। अब पुलिस दूसरे घटनास्थल की जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि वादी पक्ष की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच की गई है। घटनास्थल पर सीसीटीवी फुटज के आधार पर जांच की गई है। जिसमें इस तरह की किसी भी घटना न होना साफ दिख रहा है। इसके बाद वादी पक्ष ने दूसरी तहरीर देकर घटनास्थल का स्थान बदल दिया है। जिसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। जांच में सत्यता पाये जाने के बाद पुलिस अग्रिम कार्यवाही करेगी और पीड़ित को न्याय दिलायेगी। साथ ही सत्यता न पाए जाने पर पुलिस को गुमराह करने, झूठे आरोप लगाने को लेकर भी पुलिस या द्वितीय पक्ष द्वारा भी मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर से वादी पक्ष की ओर से कोटद्वार तहसील में पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। धरना प्रदर्शन करने वालों में मौहम्मद युनूस, मौ. युसूफ, अशरफ, भारत मुक्ति मोर्चा के महासचिव सतीश ओडवाल, कोषाध्यक्ष चंद्रमोहन राणा आदि मौजूद थे।

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