(अवनीश अग्निहोत्री) अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने कोटद्वार में कुछ साल पहले हुई चोरी की एक घटना में दो साल के कारावास का फैसला सुनाया है। सहायक अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि 2 जनवरी 2020 को लक्ष्मण सिंह नाम के व्यक्ति ने कोतवाली कोटद्वार में तहरीर देते हुए बताया था कि रात करीब साढ़े आठ बजे वह बेस हॉस्पिटल में अपने परिवार के मरीज को देखने गए थे और जब वह बाहर आए तब वहाँ पर उनकी स्कूटी नहीं थी।
जो कि वहा से चोरी हो चुकी थी। जिसके बाद चोरी की घटना पर पुलिस ने मुकदमा लिखते हुए जांच और विवेचना के दौरान शाबिर उर्फ मोनू और अरूण गोयल उर्फ लल्लू निवासी गोखले मार्ग कोटद्वार को तीन दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया, और इनके पास से चोरी हुई स्कूटी भी बरामद कर ली गई। जिसके बाद मामले में कोर्ट ने सभी सबूतों, गवाहों और बयानों के आधार पर शाबिर उर्फ मोनू और अरूण गोयल उर्फ लल्लू को चोरी की घटना में दोषसिद्ध घोषित किया है।
शाबिर उर्फ मोनू को इस अपराध के लिए दो वर्ष के कारावास और एक हजार रूपये के जुर्माने के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। और अरूण गोयल उर्फ लल्लू को भी दो वर्ष के कारावास और एक हजार रूपये के जुर्माने के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इस मामले की विवेचना महिला दरोगा भावना भट्ट द्वारा की गई थी।