कोटद्वार। समग्र शिक्षा जनपद पौड़ी के तत्वावधान में समावेशित शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रधानाचार्य/ प्रधानाध्यापक एवं अभिभावकों की एकदिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में इस क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। आज राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार के सभागार में मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल नागेंद्र बर्त्वाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज का विशेष आवश्यकता वाली बच्चों के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। उन्हें किसी भी तरह से कमतर न समझें। सरकार एवं विभाग द्वारा दी जाने वाली समस्त सुविधाएं इस वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी( दुगड्डा) अमित कुमार चंद ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव अपेक्षित है। प्रधानाचार्य (राइका सुखरो) रविंद्र सिंह रावत, प्रधानाचार्य (राइका कोटद्वार) मोहन सिंह रावत, प्रधानाचार्य (राइका झंडीचौड़) विजेंद्र सिंह नेगी एवं प्रधानाचार्य (राइका कोटद्वार) श्रीमती सुनीता मधवाल ने कहा कि इस वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाना जरूरी है।
सहायक समाज कल्याण अधिकारी( दुगड्डा) संजीव पाल ने पीपीटी के माध्यम से दिव्यांग जनों से संबंधित केंद्र एवं राज्य की विविध योजनाओं से अवगत कराया। राफेल संस्थान देहरादून ने ऑटिज्म एवं मल्टीपल डिस् एबिलिटी के बारे में विस्तार से समझाया। बाल विकास परियोजना अधिकारी (दुगड्डा) ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा, देखभाल एवं पोषण के बारे में जानकारी साझा की। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशिष्ट कार्य करने वाले शिक्षक माधुरी कंडवाल, अमिता बड़थ्वाल, गोविंद सिंह चौहान, संजय नौडियाल, राधा देवी एवं प्रमोद कुमार को मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सम्मानित किया। कार्यशाला में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा रीना रावत, सारिका केष्टवाल, शिक्षक परितोष रावत, मनीष रावत, अमित कुमार व मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित थे। कार्यशाला से पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य नियंत्रक बोर्ड परीक्षा नागेंद्र बर्त्वाल ने राइका कोटद्वार स्थित मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद पाया।