अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने एक फैसले में आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई है। सहायक अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि 11 दिसंबर 2016 को कोटद्वार कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें बताया गया कि रात 8.00 बजे के लगभग विवेक पुत्र नरेन्द्र सिंह की मॉ श्रीमती सरस्वती देवी उनके घर पर आयी और बताया कि उनका लडका विवेक घर में मारपीट कर रहा है।
इतने में विवेक हाथ में पाठल लिये आंगन में आ गया और गाली देने के साथ ही मारपीट करने लगा। इतने में भाई चन्द्रमोहन पर पाठल से जान लेवा हमला किया, जो कि उसके मुँह पर लगी और वह नीचे गिर गया। इस दौरान भाभी सरोजनी देवी बीच बचाव के लिए आयी, उस पर भी अभियुक्त ने पाठल से हमला कर दिया, जिससे उसके दोनो हाथ की उंगली कट गयी।
इस मामले में दोषसिद्ध होने पर विवेक सिंह को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 326 में दण्डनीय अपराध के लिए दो वर्ष का साधारण कारावास के दण्ड और दो हजार रूपये जुर्माने के दण्ड से दण्डित किया गया है। जुर्माना अदा करने में असफल होने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भी होगा।