कोटद्वार में धार्मिक यात्रा के बीच तमंचा लेकर जा रहे व्यक्ति को कोर्ट ने सुनाई सजा

(अवनीश अग्निहोत्री) कोटद्वार में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने भीड़ में तमंचा लेकर जा रहे एक व्यक्ति को एक साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि वर्ष 2019 में कोटद्वार कोतवाली में तैनात SI कमलेश शर्मा दोपहर में यातायात व्यवस्था और गणपति विसर्जन जुलूस डयूटी में झण्डाचौक पर पहुंचे, तो पहले से चीता वाहन ड्यूटी के सिपाही गजेन्द्र कुमार और सोनू कुमार वहां उन्हें मिले। इस दौरान वह लोग गणेश विसर्जन यात्रा के साथ यातायात व्यवस्था देखते हुए बद्रीनाथ मार्ग पर मुख्य डाकघर के पास पहुँचे तो एक मुखबिर ने उनके पास आकर सूचना दी कि जुलूस के साथ एक व्यक्ति ऐसा है, जिसके पास तमन्चा है। मुखबिर की सूचना पर यकीन कर मुखबिर को साथ लेकर पुलिसकर्मी जुलूस के आगे वाले हिस्से में पहुँचे तो मुखबिर ने जुलूस की बायी ओर चल रहे नीली जींस और ग्रे टीशर्ट पहने व्यक्ति की ओर दूर से इशारा कर बताया कि यही वह व्यक्ति है जिसके पास तमन्चा है। इतना कहकर मुखबिर वहां से चला गया। तो यह व्यक्ति पुलिस वालो को देखकर मॉडल माण्टेसरी स्कूल की तरफ भागने लगा, तब पुलिस वालो ने दबिश देकर उसे मॉडल माण्टेसरी स्कूल के गेट के सामने पकड लिया। पकडे गये व्यक्ति से नाम पता पूछते हुए उसकी तलाशी ली। जिसमें उसने अपना नाम संदीप रावत, निवासी ग्राम नन्दपुर पोस्ट पदमपुर थाना कोटद्वार बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक तमन्चा 315 बोर बरामद हुआ। जिसके कारतूस को तुरंत ही बैरल से अलग किया गया। पकडे गये व्यक्ति से तमन्चा रखने का लाइसेंस मांगा गया तो दिखाने में आनाकानी करने लगा। पुलिस टीम ने अभियुक्त को उसके जुर्म के लिए हिरासत में लिया और बरामद तमन्चे और कारतूस को एक सफेद कपडे में रखकर सील कर दिया। अग्रिम कार्यवाही करते हुए कोतवाली लाकर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही अभियुक्त को कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर ने बताया कि सुनवाई पूरी होने के बाद इस मामले में संदीप रावत को कोर्ट ने एक साल की कैद और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

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