मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड खिर्सू स्थित तरुली गांव में बीती रात एक नर गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से प्राप्त आदेशों के क्रम में वन विभाग के दल ने रात करीब 8:45 बजे लगभग 4 से 5 वर्ष आयु के गुलदार को पकड़ लिया। गुलदार को तत्काल नागदेव रेंज कार्यालय लाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बीते 9 अक्टूबर को तरुली गांव में गुलदार के हमले में ग्रामीण महिला बीना देवी की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल था। ग्रामीण लगातार गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे थे। वन विभाग की टीम लगातार प्रयासरत थी, लेकिन गुलदार लंबे समय तक पिंजरे में नहीं आया और घटनास्थल के आसपास भी दिखाई नहीं दे रहा था।
गुलदार के पकड़े जाने से तरुली और आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गुलदार के पकड़े जाने के बावजूद क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी जारी रहेगी, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।