ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक न्याय को सरल, सुलभ एवं निःशुल्क रूप से पहुंचाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पहल की गयी है। नालसा विधिक सेवा केंद्र योजना-2010 के अंतर्गत गुरुवार को विकासखंड कल्जीखाल के सभागार में विधिक सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र के माध्यम से पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को विधिक सेवा केंद्र के माध्यम से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गयी। प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने बताया कि पात्र व्यक्ति केंद्र के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श एवं अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा न्यायालयीन मामलों में आवश्यक कानूनी सहायता, मध्यस्थता एवं सुलह के माध्यम से विवादों के समाधान, लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत से संबंधित मार्गदर्शन तथा विभिन्न विधिक एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करायी जाएगी।
उन्होंने बताया कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों सहित अन्य पात्र व्यक्तियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सचिव ने कहा कि विधिक सेवा केंद्र की स्थापना से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपने क्षेत्र में ही न्यायिक एवं कानूनी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। इससे आर्थिक या भौगोलिक कारणों से कोई भी पात्र व्यक्ति अपने विधिक अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा। केंद्र के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सेवाओं की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश बलूनी, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, रिटेनर अधिवक्ता गजेंद्र सिंह रावत, अधिकार मित्र जगमोहन डांगी, विक्रम पटवाल, सज्जन सिंह नेगी सहित अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।