अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन का विषय नहीं, बल्कि जनजागरुकता और सामूहिक जिम्मेदारी का भी विषय है।
शुक्रवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की इस बैठक में अपर जिलाधिकारी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ड्रंक एंड ड्राइव, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाए जाएं। साथ ही शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के प्रति प्रेरित किया जाए।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यों, सड़क संकेतकों की उपलब्धता तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा की गई। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संयुक्त अभियान निरंतर चलाए जाएं।
पर्यावरण संरक्षण को सड़क सुरक्षा अभियानों से जोड़ते हुए अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी हॉटमिक्स प्लांट स्वामियों से प्रति प्लांट न्यूनतम 1000 पौधे अनिवार्य रूप से रोपित कराए जाएं तथा उनके संरक्षण की भी नियमित निगरानी की जाए।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी से जून 2026 तक मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत 23,362 वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की गयी, जिनमें 3,906 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की गई। इसी अवधि में जनपद में 27 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 16 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 44 लोग घायल हुए।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर प्रभावी निवारक उपाय अपनाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरुकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, एआरटीओ मंगल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।