मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की भावना के अनुरूप जनपद में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए जिला प्रशासन अब अभियान मोड में कार्य करेगा। इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग एवं संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदन आने की प्रतीक्षा करने के बजाय पात्र लाभार्थियों की घर-घर पहचान कर उनका आवेदन भरवाया जाए तथा पेंशन एवं छात्रवृत्ति सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं लाभार्थियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने तथा उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रकार के पेंशन आवेदन निर्धारित एसओपी के अनुसार भरवाए जाएं। उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के बाद समाज कल्याण विभाग प्राथमिकता के आधार पर उनकी स्वीकृति एवं निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने पुराने लंबित पेंशन प्रकरणों का भी त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में छूटे हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान करें तथा एडीओ समाज कल्याण, राजस्व उपनिरीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायतवार विशेष अभियान चलाकर आवेदन भरवाएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कितने पात्र लाभार्थी हैं तथा कितनों को योजनाओं से जोड़ा गया है, इसका विस्तृत विवरण 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विवाह अनुदान तथा अटल आवास योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन योजनाओं में भी आवेदन की प्रतीक्षा न की जाए। पात्र परिवारों की पहचान कर स्वयं आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि पात्र व्यक्तियों को समय पर लाभ मिल सके। साथ ही दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सहायक उपकरण वितरण के लिए व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दिव्यांगजन सीधे आवेदन करता है तो उसे भी नियमानुसार तत्काल लाभ उपलब्ध कराया जाए।
पेंशन सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने शहरी निकाय क्षेत्रों में वार्डवार रोस्टर तैयार कर पार्षदों, सभासदों, एडीओ समाज कल्याण एवं राजस्व उपनिरीक्षकों के माध्यम से सत्यापन कराने तथा रोस्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्रता होने के बावजूद कोई भी नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे।
बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कक्षा 9 से 12 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 15 दिनों में अधिकतम छात्रवृत्ति आवेदन भरवाने, तहसीलवार प्रगति की नियमित निगरानी करने तथा इस अभियान में शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को चिन्हित कर छात्रवृत्ति से जोड़ा जाए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) ने बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ प्रदान किया जा रहा है।
बैठक के दौरान आय प्रमाण-पत्र से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को आय प्रमाण-पत्र बनने में कठिनाई आ रही हो तो नियमानुसार वैकल्पिक पात्रता वाली योजनाओं के अंतर्गत भी आवेदन कराया जाए, जिससे कोई पात्र लाभार्थी लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।