सामुदायिक मध्यस्थता विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

 

 

‎सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (सीडि) नाज़िश कलीम के निर्देशन पर जिला न्यायालय परिसर में “सामुदायिक मध्यस्थता (मुकदमेबाजी मुक्त ग्रामीण भारत की ओर परियोजना)” के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

‎कार्यक्रम में जनपद के चयनित ग्रामों से नामित सामुदायिक मध्यस्थों एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर आपसी संवाद एवं मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना, मुकदमेबाजी की प्रवृत्ति को कम करना तथा आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना रहा।

‎प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थता के मूल सिद्धांत, प्रभावी संवाद एवं संचार कौशल, विवाद विश्लेषण, गोपनीयता एवं मध्यस्थता की नैतिकता, लैंगिक संवेदनशीलता, शक्ति असंतुलन के प्रबंधन तथा समझौता प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही रोल प्ले एवं व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से ग्राम स्तर पर विवादों के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया।

‎कार्यक्रम में जयदर्शन बिष्ट, आमोद नैथानी एवं राजकुमार बत्रा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *