जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार ने आज दिनांक 27.06.2026 को पुलिस लाइन पौड़ी में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी के दौरान जनपद में घटित अपराधों, लंबित विवेचनाओं, कानून व्यवस्था की स्थिति, जनसुरक्षा, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, नशा उन्मूलन अभियान तथा पुलिसिंग की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यालय की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के निर्देश, अभियानों की नियमित समीक्षा पर जोर।
मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान एसएसपी पौड़ी द्वारा समस्त अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय एवं उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं प्राथमिकताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि मुख्यालय स्तर से संचालित विभिन्न अभियान जनसुरक्षा, अपराध नियंत्रण एवं बेहतर पुलिसिंग के महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए इनके संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, नशा उन्मूलन, सत्यापन अभियान, अपराधियों की धरपकड़, ऑपरेशन प्रहार एवं जन-जागरूकता अभियानों सहित सभी विशेष अभियानों को लक्ष्य आधारित एवं परिणामोन्मुखी तरीके से संचालित करने के साथ ही नियमित समीक्षा कर उसकी प्रगति, उपलब्धियों एवं कमियों का विश्लेषण सुनिश्चित किए जाएं।
विवेचनाओं के लम्बित रहने पर संबंधित थाना प्रभारियों को लगाई फटकार।
थानों में लम्बित विवेचनाओं के प्रति सख्त रूख अपनाते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को छोटे-मोटे अपराधो का निस्तारण 15 दिवस के भीतर व इसी प्रकार से अन्य अपराधों का निस्तारण आवश्यक रूप से 60 व 90 दिवस में करना नितांत आवश्यक है जिन थानों में विवेचनाएं अनावश्यक रूप से लंबित रहेंगी उन थानों में संबंधित प्रभारी एवं विवेचक के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सभी विवेचक ई-साक्ष्य एप में भी शत-प्रतिशत कार्यवाही सुनिश्चित करें।
शिकायतकर्ताओं व पीड़ितों की सुविधा हेतु ई-एफआईआर व जीरो एफआईआर की सुविधाओं का प्रावधान है जिसके तहत बिना थाना आये एफआईआर पंजीकृत की जा सकती है अतः इस प्रकार की कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर थाना प्रभारी तुरंत उस पर एफआईआर दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। क्योंकि जनपद में अब तक मात्र 05 ई-एफआईआर ही पंजीकृत हुई हैं, जो अपेक्षाकृत कम संख्या है। सभी थाना प्रभारी शिकायतकर्ताओं को ई-एफआईआर एवं जीरो एफआईआर की सुविधाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराएं तथा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक विलंबता न बरतते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
अग्निकाण्ड की घटनाओं के दृष्टिगत जनपद के सभी फायर यूनिटें अपने अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से कोंचिंग इंस्टीट्यूट, अस्पताल, कार्यालयों, वेडिंग प्वांट्स, होटल आदि जगहों पर लगातार फायर सुरक्षा ऑडिट कर वहां लगें अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता को चेक करें साथ ही संस्थानों में कार्यरत कार्मिकों को भी अग्निशमन सुरक्षा बचाव के संबंध में जानकारी देकर जागरूक करें।
नशे की जड़ों पर प्रहार, सप्लाई नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश
नशामुक्त अभियान के तहत स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे तंत्र को चिन्हित कर प्रभावी रूप से ध्वस्त किया जाए। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल स्रोतों, सप्लायरों, परिवहनकर्ताओं, आर्थिक सहयोगियों एवं संरक्षण देने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नशा प्रभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों एवं चिन्हित ड्रग्स हॉटस्पॉट्स पर विशेष निगरानी बढ़ाने, नियमित चेकिंग अभियान चलाने, सघन गश्त करने तथा आकस्मिक निरीक्षणों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
अपराधियों पर लगातार प्रहार, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पौड़ी पुलिस की प्रभावी कार्रवाई
जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पौड़ी पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में प्रभावी कार्रवाई की गई है। अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी की रोकथाम एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2026 में अब तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों में कुल 170 अभियोग पंजीकृत किए गए, जिनमें प्रभावी कार्रवाई करते हुए 74 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। नशा तस्करी एवं मादक पदार्थों के तहत एनडीपीएस एक्ट के 14 अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई करते हुए 26 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 27 अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई।
सत्यापन अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश
अपराधों की रोकथाम एवं संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के हेतु सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से किरायेदारों, घरेलू सहायकों, बाहरी श्रमिकों, फेरी-फड़ व्यवसायियों, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों, छात्रों एवं अन्य बाहरी व्यक्तियों का समयबद्ध एवं अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही बिना सत्यापन के व्यक्तियों को आश्रय या रोजगार देने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि सत्यापन अभियान केवल औपचारिकता न होकर अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
सामाजिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता, संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता के निर्देश
एसएसपी पौड़ी श्री सर्वेश पंवार ने वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत जनपद में शांति, सामाजिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसी भी संवेदनशील विषय, घटना अथवा सूचना पर पूर्ण गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जनभावनाओं से जुड़े मामलों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा स्थानीय स्तर पर संवाद, समन्वय एवं विश्वास की भावना को मजबूत बनाया जाए। थाना स्तर पर शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं एवं गणमान्य नागरिकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखते हुए किसी भी संभावित विवाद अथवा तनावपूर्ण स्थिति की पूर्व जानकारी प्राप्त कर समय रहते आवश्यक निवारक कार्रवाई की जाए।
साथ ही सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा समाज में वैमनस्यता फैलाने वाली सामग्री पर सतत निगरानी रखने तथा अफवाहों का त्वरित खंडन कर तथ्यों को आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट निर्देशित किया गया कि शांति एवं आपसी भाईचारे,सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता
मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों पर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत आमजन की अपेक्षाओं से जुड़ी होती है, इसलिए उसका निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक कार्रवाई की अद्यतन जानकारी संबंधित पोर्टलों पर समय से दर्ज करें। साथ ही शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
जनसहभागिता से मजबूत होगी सुरक्षा, जन-जागरूकता अभियानों को लगातर करे आयोजन
जनजागरूकता अभियानों को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए उन्हें जनसहभागिता आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जाए। पुलिस और जनता के बीच संवाद एवं सहभागिता बढ़ाकर ही अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। इस दौरान नशा उन्मूलन, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात नियमों तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, बाजार क्षेत्रों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संवाद कार्यक्रम, चौपाल, जनसंपर्क अभियान एवं जागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर बल दिया गया।
मई माह में जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 पुलिस कार्मिकों (उ0नि0 दिनेश चमोली, उ0नि0 राजाराम डोभाल, उ0नि0 विनोद चपराना, अ0उ0नि0 विजय नौटियाल, मुख्य आरक्षी करन सिंह, मुख्य आरक्षी बलबीर, मुख्य आरक्षी संदीप, मुख्य आरक्षी राजूलाल, आरक्षी रविन्द्र सिंह, आरक्षी कुलदीप सिंह, आरक्षी चन्द्रपाल, आरक्षी दिनेश दिलवाल, आरक्षी टीपी निर्मल कुमार, आरक्षी बद्रीलाल, आरक्षी सुरेन्द्र कुमार, होमगार्ड कुलदीप, होमगार्ड अमन कुमार) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उक्त गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार श्री मनोज ठाकुर, अपर पुलिस अधीक्षक संचार श्री अनूप काला, अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद, क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी श्री तपेश कुमार, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार श्रीमती अस्मिता मंमगाई, सीएफओ श्री राजेंद्र खाती, सहित समस्त निकटवर्ती थाना प्रभारी मौजूद रहे।