ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, 158 में से 149 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर ग्रामीण जनता के लिए राहत और समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभर रहे हैं। विकासखंड एकेश्वर, जयहरीखाल, द्वारीखाल, दुगड्डा, पोखड़ा एवं यमकेश्वर में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। शिविरों के दौरान प्राप्त 158 शिकायतों में से 149 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया है।

 

शिविरों में उद्यान, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, ग्रामोत्थान तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा उपलब्ध लाभों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई।

 

शिविरों के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, राजस्व, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। नोडल अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया, जिनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं के उद्देश्य, लाभ और क्रियान्वयन की जानकारी सरल एवं प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई गई।

 

विकासखंड यमकेश्वर में आयोजित जनकल्याणकारी शिविर का उद्घाटन करते हुए स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं, क्योंकि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं, जानकारी और सहायता उपलब्ध हो रही है।

 

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनकल्याणकारी शिविर शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम हैं। इन शिविरों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर प्रयास किए जाएं तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

 

 

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