मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित अतिक्रमण हटाओ अभियान को और प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा भू-कानून उल्लंघन के निस्तारित वादों के सापेक्ष भूमि पर वास्तविक कब्जा प्राप्त करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है तथा पूर्व में चिन्हित किए गए ऐसे अतिक्रमण, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है, उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी केवल राजस्व एवं पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित सभी रेखीय विभाग भी इसमें समान रूप से उत्तरदायी हैं। उन्होंने नए चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध भी नियमानुसार नोटिस जारी कर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को और गति देने पर बल देते हुए कहा कि सुनियोजित रणनीति एवं पर्याप्त संसाधनों के साथ कार्रवाई की जाए। ऐसे अतिक्रमणों को प्राथमिकता दी जाए, जिन पर शीघ्र कार्रवाई संभव हो, ताकि अभियान के प्रभावी परिणाम सामने आ सकें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भूमि एवं सड़कों पर लगाए गए अवैध बोर्ड, होर्डिंग्स तथा अन्य अवरोधों को भी अभियान के तहत हटाया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में अतिक्रमण का चिन्हीकरण और हटाने की कार्रवाई समानांतर रूप से जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक क्षेत्र को मॉडल क्षेत्र के रूप में चयनित कर वहां शत-प्रतिशत अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी, नालों एवं गदेरों के किनारे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए।
बैठक में पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से अभियान के अंतर्गत की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र में की गई कार्रवाई का अद्यतन विवरण तैयार करें तथा प्रत्येक शुक्रवार को अभियान की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि भू-कानून उल्लंघन से संबंधित जिन वादों का निस्तारण हो चुका है, उनमें आदेश पारित होने के तुरंत बाद भूमि पर वास्तविक कब्जा प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निस्तारित मामलों में आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि की स्थिति बहाल की जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा प्राप्त भूमि का सत्यापन कर अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका संरक्षण एवं जनहित में उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को और प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, क्षेत्राधिकारी तपेश कुमार चंद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, विद्युत विभाग के अधिकारी गोविंद, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका पौड़ी संजय कुमार सहित सभी उपजिलाधिकारी, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।