जिलाधिकारी के निर्देशन में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की जांच हेतु 15 प्रवर्तन टीमों का औचक निरीक्षण अभियान

जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जिला प्रशासन तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की 15 प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर संचालित गैस एजेंसियों, प्रतिष्ठानों, होटल-ढाबों तथा पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया गया।

 

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद के श्रीनगर, कोटद्वार, दुगड्डा, पौड़ी, धुमाकोट/नैनीडांडा, चाकीसैंण, कोट/खोलाचौरी, चेलूसैंण, पाबौ, सतपुली, लैंसडौन, लक्ष्मणझूला, नौगांवखाल/पोखड़ा, थलीसैंण तथा उफरैंखाल/रिखणीखाल क्षेत्रों में संचालित गैस गोदामों, पेटी डीजल डीलरों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, होटल-ढाबों और धर्मशालाओं का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान संचालकों को स्टॉक एवं वितरण से जुड़े अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।

 

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया कि तहसील परिसर में संचालित आउटसोर्स कैंटीन में घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग किया जा रहा है। उक्त पर कार्रवाई करते हुए दोनों सिलेंडरों को ज़ब्त किया गया तथा नियमानुसार कार्रवाई की गयी। साथ ही निरीक्षण के दौरान पौड़ी क्षेत्र में एक प्रतिष्ठान द्वारा अवैध रूप से एक घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते हुए पाया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए 2300 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

 

उन्होंने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सभी गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता पायी जाती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षकों सहित विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।

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