कोटद्वार से हरिद्वार गयी मजदूरों की बसों को रेलवे ने वापस भेजा। ट्रैन में जगह न होने की कही बात

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कोटद्वार। दो महिने से लॉकडाउन के कारण कोटद्वार में फंसे बिहार के करीब 150 मजदूरों को भेजने की स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर दी थी। प्रशासन ने चार बसों से मजदूरों को हरिद्वार रवाना कर दिया था, लेकिन ऐन मौके पर हरिद्वार से मजदूरों को वापस भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार से बिहार जाने वाली ट्रेन में जगह नहीं है, इसलिए हरिद्वार से मजदूरों को वापस भेज दिया गया है।
गुरूवार को स्थानीय प्रशासन ने किशनगंज बिहार के 150 मजदूरों को घर भेजने की पूरी व्यवस्था कर दी थी। राजकीय बेस अस्पताल में सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग कराई गई। तहसील परिसर में उत्तराखण्ड परिवहन निगम की चार बसों को मंगाया गया। परिवहन विभाग ने रोडवेज की चार बसों को निर्धारित समय पर तहसील में खड़ा करा दिया। प्रशासन ने चार बसों के लिए यात्रियों की संख्या भी निर्धारित कर दी थी। यात्रियों को निर्धारित बसों में बैठा दिया गया। प्रशासन की ओर से चारों बसों को हरिद्वार के लिए रवाना भी कर दिया गया, लेकिन हरिद्वार पहुंचने के बाद बसों को वापस लाने का आदेश मिल गया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शासन से आदेश आया है कि हरिद्वार से बिहार जाने वाली ट्रैन में यात्री फुल हो चुके है। ऐसे में कोटद्वार से आने वाले मजदूरों को वहीं रोका जाय। नायाब तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद ममगांई ने बताया कि लॉकडाउन में किशनगंज बिहार राज्य के फंसे करीब 150 मजदूरों को हरिद्वार भेजने के लिए उत्तराखण्ड परिवहन निगम की चार बसों को तहसील में खड़ा कर दिया था। इनमें से एक बस में 28, दो बसों में 44-44 और एक बस में 34 मजदूरों को हरिद्वार रवाना कर दिया था। उन्होंने बताया कि दोपहर को आदेश मिला कि हरिद्वार से बिहार जाने वाली ट्रेन में जगह नहीं है। इसलिए मजदूरों को वहीं रोक जाय। सभी बसों को वापस बुलाने का आदेश मिला है। उन्होंने बताया कि सभी बसें हरिद्वार से कोटद्वार पहुंच गई है। शासन से आदेश मिलने के बाद मजदूरों को हरिद्वार भेजा जायेगा।

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