कोटद्वार में अवैध, नकली व मिलावटी शराब का कारोबार जोरों पर। होम डिलीवरी भी शुरू। जानिए किस कारण नही होती इन पर कार्यवाही

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अवनीश अग्निहोत्री(कोटद्वार) पौड़ी जनपद के कोटद्वार नगर में शराब का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। आलम ये है कि अब कोटद्वार में शराब मोबाइल रिचार्ज की तरह हर दूसरी दुकान में मिल जा रही है यहां तक कि गली मोहल्ले के कई घरों में भी जमकर शराब बेची जा रही है। और इसके लिए जिम्मेदार है कुछ पुलिसकर्मी व आबकारी विभाग। दरअसल नगर के कई शराब माफिया ऐसे है जिनकी आबकारी विभाग और पुलिस से इतनी तगड़ी सेटिंग है कि जब भी कोई व्यक्ति पुलिस या आबकारी विभाग के पास इसकी शिकायत करने पहुचता है तो इससे पहले ही या तो उस शराब माफिया की फ़ोटो कार्यवाही करने वाले सम्बंधित विभाग के कार्यालय परिसर में होली दीवाली मनाते दिख जाती है या संबंधित विभाग के किसी अधिकारी के शादी समारोह में नाचते हुए। अब ऐसे में कोंन गुस्ताखी करेगा शराब माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने की? कच्ची-पक्की, देशी, असली-नकली हर तरह की शराब कोटद्वार में खुलेआम बिक रही है। इसके साथ ही घर-घर मे होम डिलीवरी भी की जा रही है। बिना बैच नम्बर, बिना मेन्युफेक्चरिंग डेट की शराब भी कोटद्वार में खुलेआम बिक रही है। चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी के नाम पर नकली और मिलावटी शराब धड़ल्ले से बिक रही है। दूसरी तरफ सम्बंधित विभाग के कुछ अधिकारी कहते है कि हमारे पास कोई लिखित शिकायत ही नही करता, अरे जनाब लोग तो लिखित शिकायत आपके पास लेकर पहुचते है लेकिन पहले ही आपके दफ्तर में शराब माफिया चाय की चुस्कियां लेते दिख जाते है और सोशल मीडिया में आपके साथ फ़ोटो डालते है तो ऐसे में कौन इस बात पर भरोसा करेगा कि आप शराब माफिया के खिलाफ कार्यवाही करेंगे। और अगर शिकायत कर भी दी छापेमारी से पहले माफियाओं को फ़ोन पर बता दिया जाता है कि सब ठीक-ठाक रखना, नकली और बाहर का माल हटा देना। और फिर शिकायतकर्ता को बताया जाता है कि मौके पर छापेमारी के दौरान कुछ नही मिला। बार बार शिकायत करने पर सीधा सा जवाब होता है कि हमारा और कोई काम नही क्या या दिन भर तुम्हारी शिकायत पर कार्यवाही के लिए भागते रहेंगे और एक बहाना ये भी रहता है कि हमारे पास कार्यछेत्र काफी बड़ा है और कर्मचारियों की कमी है। चलिए मान लेते है कि कार्यछेत्र बड़ा है और कर्मचारियों की कमी है तो अपने कार्यालय के 1किमी दायरे में ही ठीक से काम कर लीजिये। क्योंकि शराब का सबसे ज्यादा अवैध कारोबार बाजार छेत्र में ही हो रहा है और दूसरे नंबर पर भावर में। लेकिन बाजार में भी शराब के अवैध कारोबार को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाये जाते। और इस तरह कोटद्वार में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद रहते है इनका अवैध कारोबार खूब फल फूल रहा है। अधिकारियों को भलीभांति पता है कि नए साल के जश्न के लिए जगह जगह शराब की काफी मात्रा में सप्लाई हो रही है लेकिन जब शराब माफियाओं द्वारा सर्दी में अधिकारियों की जेब गर्म कर दी जाए तो भला कौन अपनी कुर्सी से हिले। हा ये बात अलग है कि सूचना के अधिकार में यदि कोई जानकारी मांग ले या वरिष्ठ अधिकारी ही जवाब तलब कर लें तो इसके लिए कभी कभी 2-4अद्धे, पव्वे पकड़कर टीम के 8-10 लोग फ़ोटो खिंचवाने जरूर खड़े हो जाते है और खुद की पीठ थपथपा लेते है। लेकिन छोटे से लालच के कारण शराब माफियाओं को संरक्षण देने वाले ये कर्मचारी व अधिकारी कितने परिवारों को बर्बाद कर रहे है, कितनें घरों का चिराग बुझने का कारण बन रहे, कितने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे है, वरिष्ठ अधिकारियों की आखों में धूल झोंक रहे है और जनता के साथ धोखा कर रहे है इसका जवाब शायद इन्हें उस दिन मीले जिस दिन जहरीली, मिलावटी, अवैध शराब के कारण कोटद्वार में कोई बड़ा हादसा होगा।

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