कोटद्वार एआरटीओ कार्यालय बना राजनीति चमकाने का अड्डा। नौकरी लगने के पहले दिन से ही ग्रह जनपद में कुण्डली मारकर बैठा एक कर्मचारी करा रहा लाखों के राजस्व का नुकसान

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कोटद्वार- यूं तो कोटद्वार की राजनीति पूरे प्रदेश भर में प्रसिद्ध है लेकिन कभी ये राजनीति सरकारी काम मे इतना बड़ा रोड़ा बनते आपने नही देखी होगी। आपको बता दें कि नौकरी लगने के बाद पहले ही दिन से आज तक यानी कई वर्षों से उपसंभागीय परिवहन कार्यालय कोटद्वार में तैनात एक कर्मचारी खुलेआम अपने परिवार की राजीनीतिक धौस दिखाकर अपने से बड़े अधिकारियों पर रौब जमा रहा है साथ ही राजनीति की आड़ में सरकार को भी हर माह लाखों का नुकसान भी पहुचा रहा है। दरअसल कोटद्वार के एक राजनैतिक परिवार से संबंध रखने वाला एक व्यक्ति उपसंभागीय परिवहन कार्यालय की कौड़िया चैकपोस्ट पर नौकरी लगने की शुरुआत से ही कोटद्वार यानी कि अपने ग्रह छेत्र में कुंडली मार कर बैठा है, जिसकी पूरी शिक्षा इसी कोटद्वार से हुई लेकिन खुद को दूसरे जनपद का दर्शाकर वह अपने राजनैतिक परिवार को लाभ पहुचाते हुए सरकार को हर माह लाखों का नुकसान पहुचा रहा है। सूत्रों के अनुसार कोटद्वार उपसंभागीय परिवहन कार्यालय की कौड़िया चैकपोस्ट पर वर्षो से तैनात एक कर्मचारी स्टील फैक्टरियों के ओवरलोड ट्रक, खनन के ओवरलोड डंपरों व अन्य अवैध रूप से आये वाहनों को अधिकारियों से ये बोलकर परिवहन विभाग की सीमा पार करवाता है कि “साहब आप तो इस शहर में नए हो, हमारी तो जिंदगी कोटद्वार में बीत गयी। ये खनन और स्टील फेक्ट्री वाले आपका ट्रांस्फर कर देंगे या बिना वजह सस्पेंड करा देंगे, इससे अच्छा है इन्हें जाने दो”। और इसी कारण से परिवहन विभाग के उक्त कर्मचारी को ज्यादातर कौड़िया चैकपोस्ट पर बैठाया जाता है जिससे वो अपने परिवार को राजनैतिक लाभ पहुचा सकें और जब उसके परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़े तो यही खनन व स्टील फैक्टरी वाले चुनाव का खर्चा उठाते है। यही नही उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के आसपास दलालों के रूप में उन लोगों को पनपाया जा रहा है जो स्थानीय स्तर पर इस कर्मचारी के जानने वाले है और चुनाव लड़ने पर इनके परिवार के सदस्यों को हर बार वोट करते है व अन्य कई प्रकार की मदद करते है, जिस कारण उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में ज्यादातर कार्य सीधी तरह न होकर दलालों के माध्यम से ही कराना आम जनता की मजबूरी बन चुका है। यही कारण है कि बार बार कौड़िया चैकपोस्ट से हटाए जाने के बाद भी इनकी मनचाही पोस्टिंग इन्हें मिल जाती है यानी ये कौड़िया चैकपोस्ट पर ही तैनात रहते है और शायद अब सेवानिवृत्त होने तक यही तैनात रहेंगे। खुद के आगे किसी को कुछ न समझने वाले इस कर्मचारी की हिम्मत तो देखो, अपने से बड़े अधिकारी पर रौब जमाना इनकी आदत सी बन गयी है क्योंकि राजनीति से जुड़े परिवार से ताल्लुख जो रखते है। इनके बारे में ज्यादा बताने की जरूरत नही क्योकि उपसंभागीय परिवहन कार्यालय की कौड़िया चैकपोस्ट पर तैनात खुद को तानाशाह समझने वाले इस व्यक्ति का व्यवहार आपको दूर से ही दिख जाएगा। और सबसे बड़ी बात जो कर्मचारी अपने ही विभाग को लाखों के राजस्व का नुक्सान पहुचा रहा हो और अपने ही अधिकारी का सम्मान करना भूल गया हो साथ ही गरीबों का शोषण कर रहा हो। और इसी कारण ऐसे कर्मचारी की वजह से उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में ईमानदारी से काम करने वाले अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भी छवि धूमिल हो रही है ऐसे कर्मचारी पर यदि समय से लगाम न लगाई गई तो ये सरकार व स्थानीय जनता के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो सकता है।

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